Balam Pichkari Song Lyrics
बलम पिचकारी जो तूने मुझे
तो बोले रे ज़माना खराबी हो
मेरे अंग जो तेरा रंग
तो छ्होरी शराबी हो
इतना क्यूँ आ रहा
तूने हवन में भांग
इतना क्यूँ आ रहा
तूने हवन में भांग
दुगना क्यूँ हो रहा
आँखों से मीठा तूने
हो तेरी मलमल की कुरती गुलाबी हो
मनचली चाल कैसे नवबी हो
बलम पिचकारी जो तूने मुझे
तो सीधी सॅडी छ्होरी शराबी हो
हा जीन्स पहें के जो तूने मारा
तो लट्तू पड़ोसन की भाभी हो गयी
तेरी कलाई हाथो में आएेई
मैने मरोद्दा तो लगती मलाई
महेंगा पड़ेगा यह चस्का मलाई
उपवास करने में तेरी भलाई
हो बिंदिया तेरी महताबी हो
दिल के अरमानों में बेहिसाबी हो
बलम पिचकारी जो तूने मुझे
तो सीधी सॅडी छ्होरी शराबी हो
हन जीन्स पहें के जो तूने मारा
तो लट्तू पड़ोसन की भाभी हो गयी
क्यूँ होठों पे गाली
जबकि तेरे दिल का कमरा तो खाली
कमरा तो खाली
मुझको पता है
क्या चाहता हैं
बोली भजन
नीयत क़व्वाली
ज़ुल्मी यह हो
तू तो हर ताले की आज चाबी हो
बलम पिचकारी जो तूने मुझे
तो सीधी सॅडी छ्होरी शराबी हो
जीन्स पहें के जो तूने मारा
तो लट्तू पड़ोसन की भाभी हो गाएे
बोले रे ज़माना खराबी हो
बोले रे ज़माना खराबी हो
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